उत्तराखंड में 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड(देहरादून),शनिवार 20 जुलाई 2024

उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक बादल मंडरा रहे हैं। देहरादून के कुछ क्षेत्रों में और कुमाऊं में भारी बारिश का क्रम बना हुआ है। दून में धूप और बादलों की आंख-मिचौली से उमस बढ़ गई है। शनिवार सुबह धूप खिली और दोपहर तक उमसभरी गर्मी ने बेहाल किया। आसमान में बादल तो मंडरा रहे हैं, लेकिन अब-तब बरसने का इंतजार है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन मानसून की बारिश और जोर पकड़ सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने 24 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर येलो, ओरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खास तौर पर कुमाऊं मंडल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। पर्वतीय जनपदों में लैंडस्लाइड की घटनाओं को लेकर और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को खास तौर पर सतर्क रहने के सुझाव दिए हैं।

मौसम विभाग की मानें तो शनिवार को जहां देहरादून, नैनीताल और चंपावत जनपद में तेज बारिश हो सकती है तो वहीं 21 और 22 जुलाई को कुमाऊं के जनपदों में बारिश होने की उम्मीद है। आने वाले 48 घंटे में कुमाऊं मंडल के नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जनपद में तेज बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा गढ़वाल के पौड़ी जनपद में भी तेज बारिश की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार रात के समय लोगों को ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है। इस दौरान लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों और नदियों के किनारे रहने वाले लोग ज्यादा सावधानी बरतें। हालांकि 23 जुलाई से कुमाऊं मंडल के जिलों में बारिश कम होने की उम्मीद है। 23 जुलाई के बाद गढ़वाल के जनपदों में तेज बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के साथ ही जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।

बारिश के दौरान पहाड़ की यात्रा करने से बचें, चारधाम यात्रा पर विशेष नजर

चारधाम यात्रा को लेकर विशेष तौर पर जिला प्रशासन को नजर रखने के सुझाव दिए गए हैं। हालांकि अधिकतर कुमाऊं मंडल के जनपदों में ही भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कुमाऊं मंडल से लगे हुए गढ़वाल के जनपदों में भी इसका असर दिखाई देगा। मौसम विभाग ने पहाड़ की यात्रा करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग का कहना है कि बारिश के दौरान पहाड़ की यात्रा करने से बचें। बारिश बंद होने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें।

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