मुख्यमंत्री ने 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन देकर सम्मानित किया – Shivam Mail

मुख्यमंत्री ने 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन देकर सम्मानित किया

उत्तराखंड(देहरादून),रविवार 11 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कन्या पूजन की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब बेटियों को सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। बेटियां केवल परिवार की खुशियां ही नहीं, बल्कि समाज की शक्ति और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला भी हैं।

मुख्यमंत्री ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित आईआरटीडी प्रेक्षागार में आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन देकर सम्मानित किया। उन्होंने छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और शारदीय नवरात्र का प्रथम दिवस एक साथ होना विशेष संयोग है। भारतीय संस्कृति में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। इस परंपरा को सार्थक बनाने के लिए बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर देना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और लखपति दीदी जैसी पहलों से महिलाओं एवं बालिकाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार तक विभिन्न स्तरों पर सहयोग दे रही है।

धामी ने बताया कि राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। नंदा गौरा योजना के तहत बेटी के जन्म पर 11 हजार रुपये और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना से अब तक चार लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेधावी छात्र प्रोत्साहन, उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति और गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के माध्यम से भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा के महत्व को देखते हुए मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन दिए गए हैं, ताकि वे तकनीक के माध्यम से ज्ञान और कौशल विकास के नए अवसरों का लाभ उठा सकें। राजकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों की रोकथाम के साथ ही बच्चों के संरक्षण और सहायता के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बालिकाओं से बड़े सपने देखने, निरंतर परिश्रम करने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मेधावी बालिकाओं को सम्मानित करने का उद्देश्य उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के साथ अन्य छात्राओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस बालिकाओं के सशक्तीकरण के साथ उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानने तथा सम्मान देने का अवसर भी है।

रेखा आर्या ने कहा कि पहले समाज में बेटियों के जन्म को लेकर नकारात्मक सोच थी, लेकिन शिक्षा के बढ़ते अवसरों और सामाजिक जागरूकता से इसमें बदलाव आया है। आज बेटियां अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के बल पर विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। वे अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन करने के साथ दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

उन्होंने कहा कि बेटियों को बेहतर शिक्षा, समान अवसर और प्रोत्साहन देना जरूरी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार कर सकें और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकें। मेधावी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि वे अपनी उपलब्धियों को अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की शुरुआत मानें, अपने सपनों को ऊंची उड़ान दें और चुनौतियों का साहस के साथ सामना करें।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशीलाल राणा,उपनिदेशक विक्रम सिंह, राज्य परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में मेधावी बालिकाएं उपस्थित रहीं।

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