उत्तराखंड(देहरादून),मंगलवार 13 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के बैनर तले जिलाधिकारी कार्यालय पर एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य दो महत्वपूर्ण मुद्दो पर ध्यान आकर्षित करना था। पहला- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत हटाए गए मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने और दूसरा उत्तराखंड राज्य आंदोलन के चिन्हीकरण से वंचित आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण—को लेकर ज्ञापन सौंपना था।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को संबोधित दो अलग-अलग ज्ञापन प्रेषित किए। ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट देहरादून को सौंपे गए, जिन्होंने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पहला ज्ञापन: –
SIR में हटाए गए मतदाताओं का मुद्दा
राष्ट्रपति महोदय को संबोधित था। ज्ञापन में SIR प्रक्रिया के तहत देहरादून और उत्तराखंड में हटाए गए वैध मतदाताओं के नाम तत्काल पुनः जोड़ने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि बिना उचित सत्यापन और दावा-आपत्ति का पूरा अवसर दिए मतदाताओं के नाम हटाए जाने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
इसके साथ ही, ज्ञापन में SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और लापरवाही के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग भी शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समावेशी बनाने पर जोर दिया।
दूसरा ज्ञापन:-
मुख्यमंत्री को संबोधित दूसरे ज्ञापन में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के उन आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग उठाई गई, जो अब तक इस प्रक्रिया से वंचित हैं। ज्ञापन के अनुसार, कई आंदोलनकारियों को न तो चिन्हीकरण प्रमाण पत्र मिल सका है और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ।
आंदोलनकारियों ने बताया कि पूर्व में दिनांक 02 अक्टूबर 2026 को शहीद स्थल, देहरादून पर मुख्यमंत्री जी को एक ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर उन्होंने वंचित आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु पुनः तिथि घोषित करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, अब तक कोई तिथि घोषित नहीं की गई है, जिससे वृद्ध आंदोलनकारियों में गहरी निराशा है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से निम्नलिखित मांगें की गई हैं:-
1. वंचित आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु पुनः तिथि घोषित की जाए।
2. जिला स्तर पर चिन्हीकरण शिविर/समिति के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाएं।
3. पूर्व में आवेदन कर चुके लेकिन छूट गए आंदोलनकारियों को पुनः सुनवाई का अवसर दिया जाए।
4. चिन्हीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समावेशी बनाया जाए तथा आवश्यक दस्तावेजों की सूची सार्वजनिक की जाए।
5. पात्र आंदोलनकारियों को शीघ्र प्रमाण पत्र और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर संरक्षक बालेश बबानिया, अध्यक्ष सुरेशकुमार, सीपीएम सचिव अनन्त आकाश,पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष लेखराज,महिला अध्यक्ष प्रमिला रावत,सचिव प्रभात डण्डरियाल, सुभागा फर्स्वाण, अमित परमार, पुष्पलता वैश्य, गीतानेगी, राजदुलारी लोधी, भगतसिंह, रेखा शर्मा, प्रभा बहुगुणा,अभिषेक भण्डारी,कल्पश्वेरी नेगी, गीता, भगतसिंह, रमेंशचन्द, नितिन बौठियाल,पुष्पा देवी, कल्पेश्वरी आदि बडी संख्या आन्दोलनकारी शामिल थे।