उत्तराखंड(देहरादून),मंगलवार 27 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के पहले ही दिन खानपुर सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी।
पत्रकारों से बातचीत में उमेश कुमार ने कहा कि उनका मन खिन्न हो चुका है। वह दुखी और व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं, लेकिन उनके इस मुद्दे पर विपक्ष ने उनका साथ नहीं दिया। साढ़े चार साल से वह विपक्ष की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रहे थे कि भ्रष्टाचार, जनता और किसानों के मुद्दे पर साथ मिलेगा, लेकिन साथ नहीं मिला।
उमेश कुमार ने कहा कि जब जनता की आवाज उठाने में सहयोग ही नहीं मिल रहा है तो विधायक बने रहने का औचित्य नहीं है। इसलिए वह बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपेंगे।
राजनीतिक कयासों पर विराम लगाते हुए उन्होंने साफ कहा- न कांग्रेस में जाऊंगा, न भाजपा में। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस व भाजपा में जाकर उन लोगों की जिंदाबाद के नारे नहीं लगा सकते जो कल तक उनके दरवाजे पर आकर बैठते थे।
आगे की रणनीति पर उमेश कुमार ने कहा कि वह चाहते हैं कि सदन में हरिद्वार के लोगों की लड़ाई लड़ने वालों की संख्या बढ़े। इसके लिए वह नया विपक्षी दल बनाने का प्रयास करेंगे और उत्तराखंड में 8 से 10 सीटों पर चुनाव लड़ाने की सोच रहे हैं।