अन्य राज्यों में अपनाई जाने वाली व्यवस्थाओं का तुलनात्मक अध्ययन करने के निर्देश

उत्तराखंड(देहरादून),शुक्रवार 11 अक्टूबर 2024

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गुरुवार को सचिवालय में पीएमजीएसवाई के तहत निर्मित ग्रामीण मोटर मार्गों के रख-रखाव की जिम्मेदारी तय करने के लिए लोक निर्माण विभाग तथा ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) की सयुंक्त बैठक की। उन्होंने सड़कों के निर्माण एवं अनुरक्षण के कार्य आवंटन से संबंधित स्पष्ट मानदंड निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोक निर्माण विभाग एवं ग्रामीण निर्माण विभाग ने सड़कों के निर्माण एवं अनुरक्षण से संबंधित कार्यों का भी स्पष्ट सीमांकन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समान प्रकृति के कार्य एक ही एजेंसी से करवाए जाने की हिदायत दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अन्य राज्यों में पीएमजीएसवाई की सड़कों के निर्माण एवं अनुरक्षण कार्य के लिए अपनाई जाने वाली व्यवस्थाओं का तुलनात्मक अध्ययन करने के भी निर्देश दिए हैं। ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता, स्थिति व टिकाऊपन में सुधार के लिए बेहतरीन व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्रामीण सड़कों के अनुरक्षण में संसाधनों के बेहतर उपयोग, दो या अधिक विभागों के मध्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सड़कों की स्थिति में सुधार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सुदूर क्षेत्रों में विशेषकर आपदा की स्थिति में सुगम पहुंच के लिए पीएमजीएसवाई के तहत निर्मित मार्गों का समुचित अनुरक्षण आवश्यक है।

इस बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित ग्रामीण मोटर मार्गों के अनुरक्षण कार्यों से संबंधित बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि पीएमजीएसवाई के तहत उत्तराखंड में ग्रामीण सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (यूआरआरडीए) द्वारा निभाई जाती है। वर्तमान में निर्माण के पश्चात इन सड़कों का रख-रखाव लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) के पास भी सड़कों के निर्माण और रख-रखाव में व्यापक अनुभव है तथा यह विभाग भी इस प्रक्रिया में सहभागी बनने की मंशा रखता है।

बैठक में विभिन्न विभागों ने पीएमजीएसवाई के तहत निर्मित सड़कों के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपने की उपयुक्तता पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान सचिव राधिका झा, पंकज कुमार पांडेय सहित लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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