श्री दरबार साहिब से निकली नगर परिक्रमा का नगर में कई जगह हुआ भव्य स्वागत

उत्तराखंड(देहरादून),मंगलवार 10 मार्च 2026

दरबार श्री गुरु राम रायजी महाराज देहरादून के सज्जादे गद्दीनशीन महंत देवेन्द्र दास महाराज की अगुआई में मंगलवार को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में संगतें शामिल हुईं। नगर परिक्रमा के दाैरान दूनवासियों ने तहेदिल से संगतों का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया।

श्री दरबार साहिब परिसर से सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर ऐतिहासिक नगर परिक्रमा शुरू हुई। नगर परिक्रमा कांवली रोड होते हुए श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, बिंदाल पहुंची। यहां संगत को चने, मुरमुरे व गुड़ का प्रसाद वितरित किया गया। यहां से नगर परिक्रमा तिलक रोड, टैगोर विला, घण्टाघर पर पहुंची। नगर परिक्रमा के घण्टाघर पहुंचने पर कुछ समय के लिए मानो सबकुछ थम सा गया। ढोल की थाप पर दूनवासियों ने पूरे स्नेहपूर्वक बाहें फैलाकर गुरु संगत का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया।

नगर परिक्रमा घण्टाघर से पलटन बाजार होते हुए लक्खीबाग पुलिस चौकी के सामने से होते हुए रीठा मण्डी पहुंची। नगर परिक्रमा में शामिल संगतें समाधि स्थल महंत साहिबान पर माथा टेकेने क लिए पहुंची। दोपहर 11ः45 बजे नगर परिक्रमा श्री दरबार साहिब पहुंचकर सम्पन्न हुई। स्थानीय श्रद्धालुओं ने नगर परिक्रमा के सम्पूर्ण रूट के दौरान शहरभर में स्वागत, लंगर व जलपान की व्यवस्था की गई। नगर परिक्रमा का शहर के कई गणमान्य व्यक्तियों, विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के विधायकों, पदाधिकारियों ने पुष्पवर्षा कर संगत का स्वागत किया। श्री दरबार साहिब में अपराह्न 5 बजे मसंदों व संगत की विदाई हुई। शाम 6 बजे खुशी का प्रसाद वितरित किया गया।

उल्लेखनीय है कि सिद्धयोगी श्री गुरु राम रायजी महाराज के जन्मदिवस (श्री झण्डे जी आरोहण के तीसरे दिन) आयोजित होने वाली ऐतिहासिक नगर परिक्रमा का स्वागत करने के लिए दूनवासी सालभर प्रतीक्षा करते हैं। भजन कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं को श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दीनशीन महंत देवेन्द्र दासजी महाराज ने आशीर्वाद दिया।

दूनवासियों के प्रेम, स्नेह और सद्भावना से संगतें हुईं भाव-विभोर : महंत देवेन्द्र दास

दरबार श्री गुरु राम राय महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन महंत देवेन्द्र दास महाराज ने कहा कि ऐतिहासिक नगर परिक्रमा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतें देहरादून पहुंचती हैं। दूनवासियों ने अतिथि देवो भवः की परंपरा को प्रेम, स्नेह और सद्भावना के साथ निभाते हुए इस वर्ष भी संगतों का हृदय से स्वागत किया। इस आत्मीयता और अपनत्व से संगतें अत्यंत भाव-विभोर हुईं और उन्होंने दूनवासियों के प्रति गहरा आभार और कृतज्ञता व्यक्त की है।

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