पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के 37वें दीक्षांत समारोह में 1395 विद्यार्थियों को मिली डिग्री

उत्तराखंड(देहरादून),बुधवार 08 अप्रैल 2026

गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का 37वां दीक्षांत समारोह में मंगलवार को राज्यपाल व कुलाधिपति गुरमीत सिंह ने विद्यार्थियाें काे पदक और डिग्रियां प्रदान की। समारोह में कुल 1,395 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई, जबकि 36 मेधावी छात्रों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।

राज्यपाल लेफ्टिनेट जनरल गुरमीत सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर में ‘विद्यार्थी बाजार’ का उद्घाटन भी किया। इस माैक पर राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना विकसित करने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और विश्व गुरु बनने के लक्ष्य को युवाओं के समक्ष रखा। उन्हाेंने आधुनिक तकनीकों—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स और स्पेस साइंस—के महत्व पर प्रकाश डाला।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों और हरित क्रांति में उनके योगदान की सराहना करते हुए शहद, मिलेट्स (श्री अन्न) और अरोमा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं से रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनने और स्टार्टअप, एग्री-बिजनेस व फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस माैके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वविद्यालय को हरित क्रांति की आधारशिला बताते हुए कहा कि यहां विकसित उन्नत किस्में, जैसे पंत धान, पंत गेहूं, पंत मक्का, पंत सरसों और पंत सोयाबीन देशभर के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों काे प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्थान ने अब तक 46,643 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की है और 361 उन्नत कृषि तकनीकों का विकास किया गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में 4,882 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में 324 परियोजनाएं संचालित हैं।

समारोह में कुलसचिव डॉ. दीपा विनय ने संचालन किया एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट के साथ कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, शोधकर्ता, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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