वीरभूमि के शहीदों ने साहस, शौर्य और बलिदान का अद्वितीय परिचय दिया है : राज्यपाल

उत्तराखंड(देहरादून),बुधवार 15 जनवरी 2025

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने उत्तराखण्ड के वीरभूमि होने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के हर घर से एक सैनिक है। इस वीरभूमि के शहीदों ने साहस, शौर्य और बलिदान का अद्वितीय परिचय दिया है।

मंगलवार को बाबा जसवंत सिंह मैदान गढ़ीकैंट में उत्तराखण्ड सब एरिया की ओर से सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस (वेटरन्स डे) के अवसर पर राज्यपाल ने यह बातें कही। इस अवसर पर राज्यपाल ने 17 वीर नारियों और 10 भूतपूर्व सैनिकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया और उनकी देश सेवा और समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में गढ़वाल राइफल्स, कुमाऊं रेजिमेन्ट और बीईजी रुड़की के बैंड ने अपनी मनोरम धुनें पेश की।

राज्यपाल ने कहा कि हमारे भूतपूर्व सैनिक केवल सेना के ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के आदर्श और प्रेरणा स्रोत हैं। पूर्व सैनिक अपने पूरे जीवन की सेवा और समर्पण को देश सेवा में लगा देते हैं, उनकी सेवाएं न केवल सीमाओं की रक्षा में बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अतुलनीय हैं। राज्यपाल ने सभी भूतपूर्व सैनिकों से अपील की कि वे अपने अनुभव और नेतृत्व का लाभ समाज हित और राष्ट्र निर्माण में करें। आज हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने समाज, परिवार और राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में योगदान देंगे। राज्यपाल ने कहा कि वीर नारियों, सैनिक परिवारों और वेटरन्स की भलाई, उनकी स्वास्थ्य सेवाओं, ईसीएचसी लाभ और अन्य आवश्यकताओं का ध्यान रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना ने सदैव विश्व के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। भारतीय सेना का ‘‘नेशन फर्स्ट’’ का मंत्र हर नागरिक के जीवन का आधार बनना चाहिए।

कार्यक्रम में सैन्य कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कमांडेंट आईएमए लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, डिप्टी जीओसी उत्तराखंड सब एरिया ब्रिगेडियर संजोग नेगी, रियर एडमिरल पीयूष पावसी, एयर कमोडोर नीरज शर्मा सहित भूतपूर्व सैनिकों में लेफ्टिनेंट जनरल वी के मिश्र, मेजर जनरल संजय असवाल और देहरादून स्टेशन के सेवारत अधिकारी, जेसीओ और अन्य रैंक के अधिकारी और बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक और उनके परिवाजन उपस्थित रहे।

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