दून में 28 अप्रैल को ‘आक्रोश मशाल रैली’, महिला आरक्षण के समर्थन में उतरेगा जनसमूह

उत्तराखंड(देहरादून),सोमवार 27 अप्रैल 2026

महिला आरक्षण के समर्थन में 28 अप्रैल को ‘आक्रोश मशाल रैली’ आयोजित की जाएगी। इस रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी और अपने अधिकारों को लेकर अपना आक्रोश प्रकट करेंगी।

विधानसभा स्थित अपने कार्यालय के सभागार में सोमवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास कर रहा है, जबकि महिलाएं अब अपने अधिकार लेकर रहेंगी।

मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन के दल लंबे समय से महिला आरक्षण में बाधा डालते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से गंभीरता से लाए गए आरक्षण विधेयक को भी विपक्ष ने बहानेबाजी के जरिए पारित नहीं होने दिया।

मंत्री ने बताया कि 28 अप्रैल को देहरादून में आक्रोश मशाल रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें महिलाओं का गुस्सा खुलकर सामने आएगा। यह मशाल रैली गांधी पॉर्क से घंटाघर पर आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने के अपने संकल्प पर अडिग है।

रेखा आर्या ने एक सवाल पर कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल जैसे दलों पर परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों में कुछ खास परिवारों की महिलाओं को ही अवसर मिलता है, जबकि आम महिलाओं के सशक्तिकरण में ये बाधा बनते हैं।

महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता पर जोर

मंत्री ने कहा कि आज महिलाएं राजनीतिक रूप से जागरूक हो चुकी हैं और विपक्ष की इस ‘ऐतिहासिक गलती’ का जवाब चुनाव में देंगी। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं से जुड़े विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।

मंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं के सम्मान, अधिकार और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से कार्य हो रहा है। उन्होंने देवभूमि की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार नारी सम्मान को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने एक सवाल पर बताया कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सुचारु रूप से की जा रही है। साथ ही चारधाम यात्रा को लेकर भी सरकार विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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