उत्तराखंड(देहरादून),शुक्रवार 06 नवंबर 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। कनेक्टिविटी,पर्यटन,उद्योग,स्वरोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किए जाने को पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने इसके लिए पुलिस के अधिकारियों और जवानों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम और तीन नए आपराधिक कानूनों जैसे निर्णय लिए गए हैं। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई से देश में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सहकार से समृद्धि अभियान से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को भी नए अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे हो रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान का सम्मान करते हुए अलग उत्तराखंड राज्य का सपना साकार किया था। वर्तमान सरकार राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप प्रदेश को विकसित बनाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से कनेक्टिविटी,आधारभूत संरचना, पर्यटन, उद्योग और स्वरोजगार के क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिली है। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
धामी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ ताकतें विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय भ्रम और टकराव का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और असहमति जताना सभी का अधिकार है,लेकिन युवाओं को भड़काना,अफवाह फैलाना और हिंसा को प्रोत्साहित करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं के प्रति दोहरा रवैया अपनाने को भी अनुचित बताया।
मुख्यमंत्री ने श्रीनगर और रुद्रपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कार्यक्रमों में जनता की व्यापक भागीदारी रही। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और स्थिरता के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बजट की तुलना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश का इस वर्ष का बजट करीब 54,928 करोड़ रुपये है, जबकि उत्तराखंड का बजट 1,11,703 करोड़ रुपये है। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का संकेत बताया।
धामी ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड ने पहला स्थान प्राप्त किया है। खनन क्षेत्र में सुधारों के लिए केंद्र से 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला है। मत्स्य विकास में हिमालयी एवं पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला है। पर्यटन के क्षेत्र में बेस्ट एडवेंचर और बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन जैसे सम्मान तथा फिल्म निर्माण के अनुकूल वातावरण के लिए मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) करीब 3.82 लाख करोड़ रुपये, प्रति व्यक्ति आय लगभग 2.74 लाख रुपये और आर्थिक वृद्धि दर 7.23 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उनके अनुसार, राज्य की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से 25 प्रतिशत से अधिक है।
राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने अमित शाह को उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी, शॉल, गंगाजली और समुद्र मंथन का प्रतीक चिह्न भेंट किया। इन स्मृति चिह्नों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन भारतीय सभ्यता से जुड़े प्रतीकों को प्रस्तुत किया गया।
राज्योत्सव कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, विजय बहुगुणा,तीरथ सिंह रावत एवं डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’,केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा,राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट,राज्यसभा सांसद नरेश बंसल,सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट एवं बांसुरी स्वराज,कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज,गणेश जोशी,मदन कौशिक, खजान दास,सुबोध उनियाल,डॉ.धन सिंह रावत,राम सिंह कैड़ा,सौरभ बहुगुणा,रेखा आर्य एवं प्रदीप बत्रा, देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल सहित विधायकगण,विभिन्न दायित्वधारी,जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रदेशवासी उपस्थित थे।