उत्तराखंड(देहरादून),सोमवार 16 मार्च 2026
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय सचिवालय में मुख्यमंत्री की 10-10 की घोषणाओं पर आधारित श्रमिकों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
सचिव ने सभी इकाइयों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के तहत जिन घोषणाओं और परिषदों को पूरा किया जाना है, एक पूर्व अग्रिम कार्रवाई करते हुए उन्हें शीघ्रता से पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस योजना या प्रोजेक्ट को किसी कारणवश पूरा किया जाना संभव नहीं है और उसका विलोपन किया जा चुका है, उनका प्रस्ताव अगले 15 दिन पहले ही पेश किया जाएगा। निर्धारित अवधि में प्रस्ताव प्राप्त होने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित विभाग उस परियोजना को पूरा करेगा।
भूमि एवं समन्वय से संबंधित मामलों का तत्काल समाधान
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जिन वैज्ञानिकों के सहयोगियों के बीच भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, उनके संबंध में संबंधित स्थानीय स्मारक, मान्यता प्राप्त और स्मारक के साथ सहयोग स्थापित किया गया है और यह स्पष्ट किया गया है कि परियोजना को क्रियान्वित किया जाना है या नहीं। उन्होंने इसी तरह के अंतर-विभाज्य विद्वानों को भी समन्वय समन्वय से शीघ्र ही निर्देश दिए, ताकि परामर्श के सहयोगियों पर उचित निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन इंजीनियरों के लिए जमीन और अन्य आवश्यक नियुक्तियां पूरी की जा सकती हैं, उन पर वैकल्पिक कार्य शुरू किया जाए, जबकि जो तकनीशियन नहीं हैं, उनके विलोपन का प्रस्ताव पेश किया जाए।
10-10 कार्य आधारित घोषणाओं पर भी तेजी से काम करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री के 10-10 कार्य आधारित घोषणाओं के तहत आने वाले कार्यों को भी देशभक्ति से पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को जल्द पूरा किया जा सकता है, उनके सभी कामकाज को पूरा किया जा सकता है।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि सड़क निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित जो काम किया जा सकता है, उनके लिए स्थायी शासनादेश जारी किया गया है और जो काम संभव नहीं है, उनका विलोपन का प्रस्ताव पेश किया जाए। इसी प्रकार ली गई प्रिंसीपल मंजूरी से संबंधित कार्यों के बारे में निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अगले 20 दिनों में यह स्पष्ट कर दिया जाएगा कि कौन-कौन से कार्य संचालित किए जा सकते हैं और कौन-कौन से नहीं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव सचिन कुर्वे, रविनाथ रमन, चंद्रेश यादव कुमार, एस.एन. पांडे, वी. षणमुगम, एस.ए. अदांकी, विनोद कुमार सुमन, किशोर किशोर पंत, डॉ. आर. कुमार, रणवीर सिंह, अहमद स्तिथ, मुख्य वन संरक्षक रंजन मिश्र सहित विभिन्न वयोवृद्ध राजेश के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।