वंदे मातरम पर कांग्रेस का रुख विभाजनकारी राजनीति से प्रेरित : महेंद्र भट्ट

उत्तराखंड(देहरादून),सोमवार 24 अगस्त 2026

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर विभाजनकारी और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रगीत के सम्मान और उसके गायन के अधिकार को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। पार्टी इसके इतिहास, अर्थ और गौरवशाली विरासत को जन-जन, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाने के लिए जनजागरण अभियान चलाएगी।

भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सोमवार को पत्रकार वार्ता में भट्ट ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के राजनीतिक प्रस्ताव में ‘वंदे मातरम’ के सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 1937 के प्रस्ताव को दोबारा स्वीकार करने और राष्ट्रगीत के केवल दो छंद गाने के निर्णय की निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘वंदे मातरम’ को केवल गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा, क्रांतिकारियों के बलिदान और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक मानती है।

भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐतिहासिक गलतियों को दोहरा रही है और राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रगीत के मुद्दे पर तुष्टीकरण की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि संसद और संविधान सर्वोच्च हैं तथा किसी राजनीतिक दल की कार्यसमिति का प्रस्ताव संसद द्वारा पारित कानून और संवैधानिक व्यवस्था से ऊपर नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने भी ‘वंदे मातरम’ को धर्म की सीमाओं से परे राष्ट्रीय भावना का प्रतीक माना था। भट्ट ने दावा किया कि 24 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ को समान संवैधानिक दर्जा दिया था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी देशभर में जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को ‘वंदे मातरम’ के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका से अवगत कराएगी। उन्होंने कहा कि यह विषय किसी दल या वोट बैंक की राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ा है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे को जेन-जी के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास बताए जाने पर भट्ट ने कहा कि रावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें अपने कार्यकर्ताओं को राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि वे सभी से राष्ट्रगीत गाने का आह्वान करते।

पूर्ण राष्ट्रगीत याद नहीं होने के सवाल पर भट्ट ने कहा कि दशकों तक इसके पूर्ण स्वरूप को लोगों से दूर रखा गया, इसलिए कई लोगों को इसके सभी छंद याद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से इसे धीरे-धीरे जनजीवन का हिस्सा बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति पूरा राष्ट्रगीत नहीं गा सकता, वह कम से कम सभी गतिविधियां रोककर सम्मान में खड़ा हो सकता है।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी और हनी पाठक मौजूद रहे।

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