उत्तराखंड(खटीमा),शुक्रवार 28 अगस्त 2026
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को कई बड़ी सौगातें देते हुए कहा कि अब प्रदेश में महिलाओं को 60 वर्ष की आयु से रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में यह सुविधा 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध है।
चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में बहनों से राखी बंधवाने के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में से 10 बसों को पिंक ई-बस के रूप में महिलाओं को समर्पित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से इस सुविधा का विस्तार प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में किया जाएगा, ताकि महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो सके।
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास महिलाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने का है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य आवश्यक स्थानों पर महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक हाईटेक टॉयलेट विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इनमें स्वच्छता के साथ महिलाओं की निजता, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
धामी ने कहा कि मातृशक्ति की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
चकरपुर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री धामी को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका स्नेह उन्हें जनसेवा के लिए और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी और सुरक्षा के संकल्प का भी पर्व है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा, सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के लिए काम कर रही है।
3.09 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अनेक योजनाएं शुरू की हैं। उत्तराखंड में भी नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, महिला हेल्पलाइन 181, वन स्टॉप सेंटर और सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी पहल की गई हैं।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
धामी ने बताया कि प्रदेश में 3 लाख 9 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि वे अब लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का लक्ष्य रखें। सरकार उनकी इस यात्रा में हरसंभव सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा,’मैं एक भाई के रूप में हमेशा अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी के साथ निभाऊंगा।’ उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों की सेवा उनके लिए गर्व का विषय है और सरकार तब तक काम करती रहेगी, जब तक उत्तराखंड की प्रत्येक बहन सम्मानित, सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं हो जाती।